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GOOD NEWS गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चलाई

 GOOD NEWS गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चलाई

GOOD NEWS गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चला
गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चलाई


मन में अगर हिम्मत हो,अपनी पत्नी के लिए प्यार हो,और अगर कोई काम को पूरा करने की तमन्ना और बहादुरी हो तो दुनिया में ऐसा कोई भी काम नहीं है,जिसे आप पूरा न कर सके.उसका ताज़ा उदाहरन है, 28 साल के धनंजय और उसकी 6 मास की गर्भवती 24 साल की पत्नी सोनी हेब्राम.जो की सोनी तम्मना टीचर बनने की है.और इसके लिए सोनी को ग्वालियरमे DIPLOMA IN ALIMENTRI EDUCTION की सेकंड इयर की EXAM देने के लिए 1250 km ग्वालियर जाना था. लेकिन सोनी की ये इच्छा पूरी करने के लिए पति धनंजय के पास कोई फैनान्सियल सपोर्ट नहीं था. फिर भी वो दोनों हिम्मत हारे नहीं.(हलाकि आपको बतादे की धनंजय सिर्फ 9 std तक ही पढ़ा है.) और जारखंड का ये कपल,जिसमे पत्नी 6 माह की गर्भवती थी उसको एक छोटी सी एक्टिवा पर बिठाकर 1250 km तक एक्टिवा चलाया ताकि अपनी पत्नी की परीक्षा छुट न जाय,और पत्नी का टीचर बनने का सपना पूरा हो सके

धन्जय और सोनी 


एक सामान्य और प्यारा दम्पति में धनजय और सोनी का कुटुंब है. दोनों का विवाह दो साल पहले हुआ था.ये दोनों ज़ारखंड के एक छोटे गाव के रहने वाले है. दोनों पति-पत्नी गुजरात में साथ रहते थे,क्योंकि धनंजय होटल में रसोई बनाने का काम करता था. लेकिन पिछले दिनों लोकदाउन हो गया.तो उसने सोचा की चलो अपने घर जारखंड जाते है.इसके लिए जारखंड सरकार की app से कोल भी किया.कोल करने के बाद सरकार की तरफ से वापस कोल आया की सरकार आपको जारखंड पहुचा ने की टिकिट और सभी प्रकार की हेल्प करेगी. लेकिन इस कॉल के बाद ना तो कोई मदद मिली ना कोई कॉल आया.

 

होटल मालिक ने हेल्प की

 

सरकार की तरफ से कोई हेल्प न मिलने के कारन धनंजय दुःखी था.क्योकि उसकी पत्नी गर्भवती थी उसको 6 से 7 महीना हो चूका था.तब होटल मालिक ने धनंजय और उसकी पत्नी की हावड़ा तक जाने की टिकिट बुक करवा दी.और जेसे तेसे कर के अपने गाव पहुच गया.लेकीन घर पहुच ने के साथ अपनी बचत भी खत्म हो गई थी.और लॉकडाउन के कारन बिलकुल बेकार था.

 

पत्नी का exam कॉल

 

जब धनंजय अपने रिश्तेदार के शोक में गया था.तब उनकी पत्नी सोनी का कॉल आया की मेरी exam की date आ गई है. तो exam देने के लिए ग्वालियर जाना पड़ेगा.धनंजय अपने रिश्तेदार की सभी अंतिम क्रिया एक ही दिन में खतम करके, ज़ड़प से अपने गाव आ गया.लेकिन उसको परेशानी ये थी की ग्वालियर जाए तो जाए कैसे ??. क्योकि उसने जिस ट्रेन में ग्वालियर जाने की बुकिंग करवाई थी,वो बुकिंग लॉकडाउन के चलते केंसिल हो गई थी. पास में जाने के लिए पूरा पैसा भी नहीं था.और ऊपर से ट्रेन की टिकिट भी केंसिल हो गई थी.और उसकी पत्नी गर्भावस्था में थी.     

हलाकि धनंजय को ये बिलकुल मंजूर नहीं था,की अपनी पत्नी सोनी का एक साल exam नहीं देने के कारन ख़राब हो जाये. सोनी ने एक साल तो पूरा पास कर दिया है, लेकिन खुद धनंजय school ड्रॉपआउट है.

GOOD NEWS गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चला
गर्भवती पत्नी की एग्जाम के लिए पति ने 1250 km तक बाइक चलाई


 

दागिना गिरो रख दो

 

   एक तो धनंजय के पास पैसे ख़तम हो गए थे, और ऊपर से जिस ट्रेन में टिकट का बुकिंग करवाया था, वह भी कैंसिल हो गया था. तब धनंजय पत्नी के पास गया तो पत्नी ने कहा की मेंरे पास जो गहने है,उसको गिरवी रख दो। धनंजय गहने गिरवी रखकर दस हजार रुपए लाये. दस हजार का हर महीने 300 रुपए ब्याज देना था. और पेसे देने वाले ने ये कंडीशन राखी थी की अगर 1 साल में पैसे नहीं लौटाए तो गहने वापस नहीं मिलेगा.

 

पेसे के मिलने के बाद

 

 पेसे के मिलने के बाद,  धनंजय और 7 महीने की गर्भवती पत्नी सोनी दोनों सिर्फ्फ़ एक रेनकोट के साथ 28 august को अपनी बाइक यात्रा पर निकल पड़े. धनंजय चाहता था की सोनी का टीचर बनने का ख्वाब पूरा हो.दोनों जानते थे की exam पास करने के बाद सोनी को कोई भी स्कुल में टीचर की जॉब मिलेगी.और उसी के सहारे अपना जीवन खुसी से बिता सकेगे.धनंजय की पत्नी सोनी भी पति के सहायता से कोई भी तकलीफों या मुस्केलियो का सामना करने को तैयार थी.

 

होटल में 9000 rs की सैलरी में काम करने वाला धनंजय का प्रॉब्लम ये था की कोरोना के कारन ट्रेन बंध थी. उसी के कारन दुसरे और वाहन में वो ग्वालियर नहीं जा सकता था. क्यों की टेक्सी का भाडा 30,000 रूपया हो गया था.और इतना सारा रूपया देने की उनकी ताकत नहीं थी.उसके पास सिर्फ 10000 rs थे.इसी लिए हिम्मत करके भगवान के भरोसे दोनों स्कूटी के सहारे निकल पड़े.

 

और 30 अगस्त को ग्वालियर सिटी पहुंचे। इस पूरी सफ़र में सोनी बाइक पर अपने हसबंड के पीछे बैठी रहीं, क्योंकि वो अपने डिप्लोमा के दूसरे साल की परीक्षा दे सकें। वहीं यात्रा के लिए पैसे ना होने की वजह से सोनी को अपने गहने गिरवी रखने पड़े थे.  और सोनी को exam देना भी जरुरी था.

 

इरादा बुलंद

 

धनंजय की incom भले ही बहुत ही कम है,लेकिन दोनों पति-पत्नी का होसला मजबूत और इरादा भी पक्का और बुलंद है.तभी तो बाइक पर 1300 km तक सफ़र करने का फेसला किया. और वो 30 अगस्त को ग्वालियर सिटी  पहुंचे. दशरथ और सोनी के पास कम पैसा होने की वजह से वो लोग होटल में रहने के लिए रूम नहीं ले पाए क्योंकि रूम का किराया बहुत था.इसके बदले दोनों ने एक छोटा सा मकान 10 दिनों के लिए 1500 rs का किराया पर रख लिया.

 

एस सफ़र में धनंजय के पास जो पेसे थे इसमे से लगभग 2000 rs का तो पेट्रोल हो गया था.उस लोगो ने सफ़र में पहली रात्रि तम्बू में निकाली लेकिन दुसरे दिन शारीर में दर्द होने के कारण थोडा ज्यादा आराम के लिए एक बगीचे में रात्रि निकाली.

 

तेज बारिस में रेन कोट के सिवाय कुछ नहीं.

 

दोनों के पास बारिस से बचने के लिए सिर्फ एक रेन कोट ही था.और वो दशरथ ने ऐसा पहना हुआ था कि सोनी भी उससे सुरक्षित रह सकें। लेकिन एक समय ऐसा आया जब बहुत तेज बारिश पड़ी और उसको कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। उस समय दोनों तीन घंटे तक एक पेड़ के पास आराम करने लगे, और फिर बारिश रुकने के बाद चल पड़े। 

 

सोनी ने बताया कि मुसाफ़री में ज्यादा डर बिहार राज्य में लगा. क्योंकि वहां सड़कों पर बहुत पानी भरा हुआ था. और रास्ते में दोनों के अलावा कोई और नहीं था। सोनी का पिताजी का मुत्यु,सोनी की कम आयु में ही हो गया था. अब इस दुनिया में उसके साथ उसके पति के सिवा दूसरा कोई नहीं है. और सोनी को अपने पति के हिमंत पर बहुत गर्व है.

 

जब सोनी को अपने गर्भ में रहे बच्चे के की चिंता होने लगी,तब उन्हों ने बच्चे को भगवान के भरोसे पर रखा. और ग्वालियर के कलेक्टर ने धनंजय और सोनी के स्वास्थ और रहने की सुविधा देने के आदेश दे दिए है. और जिल्ला प्रशाशन ने एस कपल को पाच हजार रूपये दिए और बच्चे की स्वास्थ्य की जाच के लिए सोनी का UGC टेस्ट भी करवाया जायेगा .........   

                       जय हो इसे पतिपत्नी का

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